खुदा कि बंदगी कुछ अधुरी रह गयी, तभी तेरे मेरे बीच ये दूरी रह गयी.
नदी बहती थी मौहब्बत की हम दोनो के दरमिंया…. तुम तैर कर बाहर आ गये…और हम आज तक उसमें डूबे Continue Reading..
एक गलत इन्सान की वजह से कभी कभी, हमें पूरी दुनिया से नफरत हो जाती है !!
-Adat Mujhe Andher’On Se Darne Ki Daal Kar, Aik Shakhs Meri Ziindagi Ko Raat Kar Gaya .. ‘
कुछ नहीं है आज मेरे शब्दों के गुलदस्ते में, कभी कभी मेरी खामोशियाँ भी पढ लिया करो…!
मेरे ख़िलाफ़ बातें बड़ी ख़ामोशी से सुनता हूँ मैं, मैंने जवाब की ज़िमेदारी वक़्त को दे रखी है l
कुछ हसरतें अधूरी ही रह जायें तो अच्छा है … पूरी हो जाने पर दिल खाली सा हो जाता है…
तू मुझसे मिलने कभी नक़ाबों मे ही आ ! ख़ुद न मुमकिन तो ख़्वाबों मे ही आ !!
दिल करता है कहीं इस तरह गुम हो जाऊँ ……. रहू सबके सामने पर किसी को नजर ना आऊँ .
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