खुदा कि बंदगी कुछ अधुरी रह गयी, तभी तेरे मेरे बीच ये दूरी रह गयी.
बुरे वक्त में किसी से कोई उम्मीद मत रखो, क्यूंकि समझौतें शेर को भी कुत्ता बना देते है !!
उसे हमारी याद तब ही आती है जब उसके पास कोई और बात करने के लिए ना हो ।।।।
ज़िन्दगी तो बेवफ़ा है एक दिन ठुकराएगी…!!! . . मौत महबूबा है अपने साथ लेकर जाएगी…!!!
पता नहीं कैसे उसने मुझे छोड़ दिया, वो तो कमीनी…किसी के 5 रू. भी नहीं छोड़ती थी.
फिर से वही प्यारी सी पहचान देखनी है। मुझे तेरे चेहरे पर अपनी मुस्कान देखनी है।..
~ Hum Agar Be’Qasoor Nikley Toh, Dekho Tumhey Bohat Dukh Hoga .. ‘
इतर से कपड़ों का महकाना कोई बड़ी बात नहीं हे, मज़ा तो तब है जब आपके किरदार से खुशबु आये.
Tum na smjhO gy ….dil_e_nadaan ki hasrtain shayed _____ Jany kyu ye chahta hai tumhary pas pas rehna _____
Your email address will not be published. Required fields are marked *
Comment *
Name *
Email *