एक बार नहीं सौ बार ये दिल टूटा पर पटाने का शौख साला फिर भी ना छूटा.
ऐ चाँद तू किस मजहब का है . ईद भी तेरी और करवाचौथ भी तेरा
शायद हम ने जिंदगी की कीमत को जाना ही नहीं, वरना किसी के लिए खुद को बर्बाद नहीं करते..
जुबां तीखी हो तो खंजर से गहरा जख्म देती है, और मीठी हो तो वैसे ही कत्ल कर देती है.
बारिश और महोबत दोनों ही यादगार होते हे,❤ बारिश में जिस्म भीगता हैं और महोबत मैं आँखे.
मिट जाते है औरों को मिटाने वाले . लाश कहा रोती है, रोते है जलाने वाले
Yeh Aansuon Kii Zaqat Mujh Pey Hi Kyu, Woh Bhii Toh Kuch Adaa Karey Mohabbat Usey Bhii Thii ..
जिन्दगी में ‘कुछ’ चीजे भुलाई नही जा सकती मेरी जिन्दगी में सब ‘कुछ’ सिर्फ तुम ही हो
बड़े अजीब से हो गए रिश्ते आजकल.. सब फुरसत में हैं पर वक़्त किसी के पास नही
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