दर्द तो ऐसे पीछे पड़ा है मेरे,* *जैसे मैं उसकी पहली मोहब्बत हूँ !!*
नाराज़गी बहुत है हम दोनों के दरमियान … वो गलत कहता है कि कोई रिश्ता नहीं रहा
मजबुरीयां तुमहारी थी और देख …!! तनहा हम हाे गऐ
इक बात बेखौफ मुझसे कहता है आईना , कभी आदमी अच्छे हुआ करते थे तुम भी …..
फैंसला छोटा हो या बड़ा गर वक्त पर ना लिया जाये, तो वक्त और इंसान दोनों को बर्बाद कर देता Continue Reading..
काश मेरा घर तेरे घर के करीब होता, बात करना ना सही, देखना तो नसीब होता
हादसे तो और भी हुए है मेरे साथ जिंदगी में, मगर मुझे रूह से मार गया तेरा छोड़ जाना !!
तेरे चेहरे पे ये शिकन हमें मंजूर नही…!!! . . सुनों तुम खुश रहा करो मैं रहूँ न रहूँ…!!
कोई खुद में खो गया हमें भूलकर हम खुद को भूला बैठे उनकी यादों में खोकर
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