वो रोटी चुरा के चोर हो गया. . . लोग मुल्क खा गए, कानून लिखते लिखते.
एक बात बता😑 तुमने मेरे बगैर भी, जी कर दिखा दिया, अब सवाल ये है कि “दिल” का क्या हुआ
सलीक़ा हो अगर भीगी हुई आँखों को पढने का,😓❤ तो फिर बहते हुए आंसू भी अक्सर बात करते हैं
बहुत भीड़ हो गयी है तेरे दिल में, अच्छा हुआ हम वक़्त पर निकल गए
मैं नादान था जो वफ़ा को तलाश करता रहा ग़ालिब… ये भी न सोचा के एक दिन अपनी साँस भी Continue Reading..
परेशानी का कोई पैमाना नही होता साहब| मै तो ये सोचकर भी परेशान हो जाती हूँ कि कमिटी(committee) की स्पेलिंग Continue Reading..
भूखा पेट,खाली जेब और झूठा प्रेम इन्सान को जीवन मे बहुत कुछ सिखा जाता है
Ungliyan thak gayi patthar tarashte tarashte, Jab surat bani yaar ki toh kharidaar aa gaye..
अपनाने के लिए हजार खूबियाॅ भी कम है और छोडने के लिए एक कमी ही काफी है।
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