वो रोटी चुरा के चोर हो गया. . . लोग मुल्क खा गए, कानून लिखते लिखते.
हर बार हम पर इल्जाम लगा देते हो मोहब्बत का….!! कभी खुद से भी पूछा है इतनी खुबसूरत क्यों हो….!!
खवाहिश नही मुझे मशहुर होने की … आप मुझे पहचानते हो बस इतना ही काफी है…
फिर से हो रही थी मोहब्बत उन्हें मुझसे…. ना खुलती आँख तो ,बस वो मेरे हो ही चुके थे… ..✍♡💕
कुछ अधूरी सी है हम दोनों की जिंदगी, तुम्हें सुकून की तलाश है और मुझे तुम्हारी.
एक तरफा ही सही मगर प्यार तो प्यार है..!!❤ उसे हो ना हो लेकिन मुझे बेशुमार है..!
जनाज़ा इसीलिए भारी था उस गरीब का…!! क्योकि वह सारे अरमान साथ लेकर चला गया…!!
कुछ लड़कियां बहुत प्यारी होती हैं, उसमें भी चश्मिश औऱ मुस्कुराती हुई , गजब ढा देंती हैं
बहुत शख्स मिले जो समझाते थे मुझे…. काश…कोई मुझे समझने वाला भी मिलता….
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