ऐ चाँद तू किस मजहब का है . ईद भी तेरी और करवाचौथ भी तेरा
आपको सिर्फ अपने आप को ढूँढने में मेहनत करनी है…!!! ;; ;; ;; ;; बाकि सब के लिए Google है
दो हिस्सों में बंट गए है, मेरे दिल के तमाम अरमान… कुछ तुझे पाने निकले, तो कुछ मुझे समझाने निकले….
वो बड़े ताज्जुब से पूछ बैठा मेरे गम की वजह.. फिर हल्का सा मुस्कराया, और कहा, मोहब्बत की थी ना… Continue Reading..
मेरे कंधे पर कुछ यूँ गिरे तेरे आंसू, कि सस्ती सी कमीज़ अनमोल हो गयी.!!
दिलों की बात करता है ज़माना . पर मोहब्बत आज भी चेहरे से शुरू होती है.
सिलसिला ये चाहत का दोनो तरफ से था, वो मेरी जान चाहती थी और मैं जान से ज्यादा उसे।
एक सचा प्यार चाहे दो पल के लिए ही क्यों ना हो मगर जिंदगी भर के लिए एहसास दे जाता Continue Reading..
में किसी ओर का नहीं हु फिलहाल .. कोई तो मेरी हो जाओ
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