ऐ चाँद तू किस मजहब का है . ईद भी तेरी और करवाचौथ भी तेरा
वो कहते हैं कौनसी दुनियां में जीते हो .. तो हमने कहा मुहब्बत में दुनिया कहा नजर आती हैं
रिश्तेदारी की शादी में मिलने वाले पैंट शर्ट का कपड़ा इधर से उधर घूमता ही रहता है सिल नहीं पाता
दुश्मन के सितम का खौफ नहीं हमको, हम तो दोस्तो के रूठ जाने से डरते है !
Wo royea zaroor hoga, Khali kagaz dekh kar, Zindagi kaisi beet rahi hai,Poocha tha jawab mein..
ना जाने इस ज़िद का नतीज़ा क्या होगा.. समझता दिल भी नहीँ वो भी नहीँ मैँ भी नहीँ..
चलो बिखरने देते है जिंदगी को अब, सँभालने की भी तो एक हद होती है…!
वो इतना रोई मेरी मौत पर मुझे जगाने के लिए.. मैं मरता ही क्यूँ अगर वो थोडा रो देती मुझे Continue Reading..
~ Badal Gaya Kyun Mizaaj Uska Kuch Hi Mudaat Mein Wo To Kehta Tha Badaltay Log Usey Ache Nahi Lagte Continue Reading..
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