Log Doosro ki Burayiya Chupana Nahi Chahte Aur Apni Dikhana
जाते-जाते वो मुझे अच्छी निशानी दे गया उम्र भर ना दोहरा पाऊ ऐसी कहानी दे गया।
“झुठ बोलकर तो मैं भी दरिया पार कर जाता, मगर डूबो दिया मुझे सच बोलने की आदत ने…””
~Mere Haq Me Khushiyon Ki Dua Karte Ho, Tum Khud Mere Kyun Nahi Ho Jate .. ^
निकाल दिया उसने मुझे अपनी जिंदगी से भीगे कागज की तरह, ना लिखने के काबिल छोड़ा और ना जलने के Continue Reading..
जिस के जी में जो आता है कह जाता है… दिल का क्या है सबकी सुन के रह जाता है…
जब_मिलो किसी से तो जरा_दूर का रिश्ता_रखना, बहुत_तङपाते हैँ अक्सर सीने ❤ से लगाने_वाले ।।
मेरी ज़िन्दगी का खेल शतरंज से भी मज़ेदार निकला. मैं Haari भी तो apne ही Raaje से..!!
-Adat Mujhe Andher’On Se Darne Ki Daal Kar, Aik Shakhs Meri Ziindagi Ko Raat Kar Gaya .. ‘
Your email address will not be published. Required fields are marked *
Comment *
Name *
Email *