Log Doosro ki Burayiya Chupana Nahi Chahte Aur Apni Dikhana
यूँ बार बार निहारती हो आईना, ख़ूबसूरती पे गुमान है.. या शक।
दर्द ए दिल की दवा के लिये,हम महफिल में आया करते है, दो घूंट बस पीते है,बाकी दिल जलाया करते Continue Reading..
एक तरफ आँखें है जिनमें नीदें भरी है… दूजी पलकें है जो इंतजार की जिद पे अडी है
कितने ही दिल तोड़ती है ये फरवरी…, ..यूं ही नही बनाने वाले ने इसके दिन घटाये होंगे… )
दोस्तो उसे बता देना कि मर गया वो जो तुम पर मरा करता था
~ Meri Zindagii Ke Taliban Ho Tum Be’Maqsad Tabahi Macha Rakhii Haii ..’
नहीं चाहिए कुछ भी तेरी इश्क़ कि दूकान से, हर चीज में मिलावट है बेवफाई कि..
तेरी जरूरत, तेरा इंतजार और ये तन्हा आलम, थक कर मुस्कुरा देती हूँ, मैं जब रो नहीं पाती !!
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