ना हाथ थाम सके ना पकड़ सके दामन, बेहद ही करीब से गुजर कर बिछड़ गया कोई !!
न जाने कैसी दिल्लगी थी उस बेवफा से, के मैंने आखिरी ख्वाहिश में भी उसकी वफ़ा मांगी…
Soch rakhi han buhat si batein tumahin sunany ko Tum ho y aaty hi nahi hamein manaany kay liye…!!!
“झुठ बोलकर तो मैं भी दरिया पार कर जाता, मगर डूबो दिया मुझे सच बोलने की आदत ने…””
आँसूं उठा लेते हैं तेरे ग़मों का बोझ, . . ये वो दोस्त हैं जो एहसान जताया नहीं करते …।
Us pgli ko kya pta jis mandir me vo meri maut ki duaa karti hai.. us mandir me jaan girvi Continue Reading..
दुआ करो की..मैं कोई रास्ता निकाल सकूँ… तुम्हे भी देख सकूँ…खुद को भी सम्भाल सकूँ….
लापरवाह सही तुम्हें याद तो करते है.. आदतें बुरी ज़रूर है दिल के बुरे नही है हम..
दो हिस्सों में बंट गए है, मेरे दिल के तमाम अरमान… कुछ तुझे पाने निकले, तो कुछ मुझे समझाने निकले….
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