ना हाथ थाम सके ना पकड़ सके दामन, बेहद ही करीब से गुजर कर बिछड़ गया कोई !!
मुझे फर्क नहीं पता अपनो और गैरो का, हर कोई हँसा है मुझे रोता देखकर
वो कहते हैं कौनसी दुनियां में जीते हो .. तो हमने कहा मुहब्बत में दुनिया कहा नजर आती हैं
कोई नहीं बचाकर रखना चाहता है यादें जान से प्यारे खत बेरुखी से जलने लगे हैं !!
ना कर शक मेरी मोहब्बत पर ऐ पगली…. . अगर सबूत देने पर आया तो तू बदना हो जायेगी…
ख्वाहिशों का झरना एक तुम भी हो मेरी लापता मोहब्बत की मिसाल एक तुम भी हो
~Tujhe Khabar Hai Tujhey Sochney Ki Khatir, Bohat Se Kaam Meiin Kal Par Chorr Detii Hoon .. ‘
Ye jo har moor py a milti hain mjhsy Bad nasibi bhi kahen meri diwani to nhi..
एक ही समानता है पतंग औऱ जिन्दगी मॆं.. ऊँचाई में हो तब तक ही वाह-वाह होती हैं!!
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