सामने होते हुए भी तुझसे दूर रहना, बेबसी की इससे बड़ी मिसाल क्या होगी
एक तो कातिल सर्दी, ऊपर से तेरी यादो की धुंध, बेहाल कर रखा है इश्क मे मौसमो ने भी।….
तमननाओ की महफिल तो हर कोई सजाता है पर . पुरी उसी की होती जो तकदीर लेकर आता है
~Uljhe Huye Hai Apni Uljhone Meiin Ajkal, Tum Yeh Na Samjhana Ke Ab Woh Chahat Na Rahii..
शक करके बर्बाद होने से अच्छा है कि, विशवास रखकर लुट जाये
तुम्हे क्या पता किस “दर्द” मे हूँ मैं ! जो कभी लिया ही नही,उस “कर्ज़” मे हूँ मैं
अब कहा जरुरत है हाथों मे पत्थर उठाने की, तोडने वाले तो जुबान से ही दिल तोड देते हैं
तुम्हे फुरसत हो दुनियां से तो कभी आकर मिलना, हमारे पास सिवा फुरसत के और रह क्या गया है..
तरस गए हैं तेरे लब से कुछ सुनने को हम…. प्यार की बात न सही कोई शिकायत ही कर दे..
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