बेवफाई तो सभी कर लेते है जानेमन ,
तू तो समझदार थी कुछ तो नया करती
इतने जालिम न बनो कुछ तो दया सीखो, तुम पे मरते हैं तो क्या मार ही डालोगे।।
खाना बना रही थी ना इसलिए गरम हूं, ये केहकर एक माँ ने अपना बुखार छूपा लिया.
बिछड़े थे किस गुरूर से वो भी तो याद कर, आए जो अब आँख में आँसू,फिज़ूल हैं…!!
शायद मुझे सुकून तेरे पास ही मिले… मुझको गले लगा बहुत बेक़रार हूँ……..
यूँ बार बार निहारती हो आईना, ख़ूबसूरती पे गुमान है.. या शक।
Beth jata hon khaak par aksar Apni aoqat achi lagti hai mujhy…!!
जमाने की नजर मेँ थोड़ा सा अकड कर चलना सीख ले ऐ दोस्त, मोम जैसा दिल लेकर फिरोगे तो, लोग Continue Reading..
-Hum Se Badal Gaya Wo Nigahen To Kya Huya, Ziinda Hain Kitne Log Mohabbat Kiye Bagair .. ‘
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