बेवफाई तो सभी कर लेते है जानेमन ,
तू तो समझदार थी कुछ तो नया करती
itna na yad aao ki rat bhar so na sake, subhe ko surkh ankhon ka sabab puchte hai log.
यूँ तो आदत नहीं मुझे मुड़ के देखने की… तुम्हें देखा तो लगा…एक बार और देख लू…
मर जाने के लिए थोड़ा ज़हर काफ़ी है, मगर जीने के लिए काफ़ी ज़हर पीना पड़ता है।
उनके हाथ पकड़ने की मजबूती जब ढीली हुई तो एहसास हुआ शायद ये वही जगह है जहां रास्ते बदलने है Continue Reading..
शायद कुछ दिन और लगेंगे, ज़ख़्मे-दिल के भरने में, जो अक्सर याद आते थे वो कभी-कभी याद आते हैं।
झुका लेता हूँ अपना सर हर मज़हब के आगे, पता नहीं किस दुआ में तुझे मेरा होना लिखा हो..
मुजे ऊंचाइयों पर देखकर हैरान है बहुत लोग, पर किसी ने मेरे पैरो के छाले नहीं देखे…..!!!!
jindaa rhne k liye…. rooh ki jrut hoti h saash ki nhi..
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