~ Hum Agar Be’Qasoor Nikley Toh, Dekho Tumhey Bohat Dukh Hoga .. ‘
बादलों से कह दो अब इतना भी ना बरसें, गर मुझे उनकी याद आ गई, तो मुकाबला बराबरी का होगा…
~Chalo Accha Hua Ke Dhund Parney Lagi, Warna Dur Tak Takti Thi Niighein Raah Terii .. ‘
अजीब दस्तूर है मोहब्बत का, रूठ कोई जाता है टूट कोई जाता है..
~Tujhe Roz Dekhu Kareeb Se Mere Shoq Bhii Haii Ajeeb Se .. ^
शब्द “दिल” से निकलते हैं… “दिमाग”से तो उसके मतलब निकलते हैं…
जो भी आपको नीचे खींचने की कोशिश करता है, याद रखिये वो पहले ही आपसे नीचे है !!
बहुत देर तक मेरे साथ रहा करती है…. ये जो ख़ामोशी है न तेरी…. बहुत कुछ कहा करती है….!!
ना पा सका उसे, यू सारी ‘उम्र’ चाहकर, कोई’ ले गया उसे, कुछ ‘रस्मेँ’ निभाकर.
Your email address will not be published. Required fields are marked *
Comment *
Name *
Email *