Dil bhi gustakh ho chala tha mera.. Shukar he aap be wafaa niklay..
Meri Wafa Fareb Thi,, Meri Wafa Pe khaak Daal.!! Tujh Sa Hi koi Ba’Wafa Tujh Ko Mily Khuda Kary.!!
Badal jate hai Wo Log bhi Waqat ki trah… Jinhe Hum Hadd se Jyada Waqat dete hai…!!
मोह्ह्ब्ब्त की कहानी को मुकम्म्ल नही कर पाये… अधूरा था जो किस्सा अधूरा ही छोड आये
ज़िन्दगी में कई ऐसे लोग भी मिलते हैं जिन्हें हम पा नहीं सकते सिर्फ चाह सकते हैं.
राहों का ख़याल है मुझे.. मंज़िल का हिसाब नहीं रखती। अल्फ़ाज़ दिल से निकलते है.. मैं कोई किताब नहीं रखती।।
सामान बाँध लिया है मैंने , अब बताओ कहाँ रहते हैं वो लोग जो कहीं के नहीं रहते।
भरोसा तो अपनी साँसों का भी नही है, और हम इंसानो पर करते है
हर रोज़ खा जाते थे वो कसम मेरे नाम की, आज पता चला की जिंदगी धीरे धीरे ख़त्म क्यूँ हो Continue Reading..
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