BhT BADNASEB HOTA HA WO JO APNE SUCHÍ MUHABAT KE KADAR NÌ KARTA
आप जिस पर आँख बंद करके भरोसा करते हैं, अक्सर वही आप की आँखें खोल जाता है.
तलब करे तो मैं अपनी आँखें भी उन्हें देदू, मगर ये लोग मेरी आँखों के ख्वाब मांगते हैं.
~Yoon Mohabbat Nibhaane Ka Dawa Na Karo Aye Logo, Wo Bhi Mujhe Chor Gaya Hai Qasam Uthaaney K Baad .. Continue Reading..
-Suna Haii Ishq Ka Shoq Nahii Tumko Magar Barbaad Kmaal Ka Kartey Ho .. ‘
मेरा वक़्त बोला मेरी हालत को देख कर, मैं तो गुजर रहा हूँ तू भी गुजर क्यों नहीं जाता.
छोड़ तो सकता हूँ मगर छोड़ नहीं पाता उसे, वो शख्स मेरी बिगड़ी हुई आदत की तरह है.. …
आप अगर चाहो तो पूछ लिया करो खैरियत हमारी… कुछ हक़ दिए नहीं जाते ले लिए जाते हैं।।
दीवार का कैलेंडर तो बदलता है हर साल, ए-ख़ुदा अब के बरस हालात भी तो बदल दे !!
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