आँसू वो खामोश दुआ है जो सिर्फ़ खुदा ही सुन सकता है।
हम तो नरम पत्तों की शाख़ हुआ करते थे. छीले इतने गए कि “खंज़र ” हो गए….
कमज़ोर पड़ गया है मुझसे तुम्हारा ताल्लुक … या कहीं और सिलसिले मजबूत हो गए हैं..
कुछ पतंगें तो मैंने यहीं सोचकर काट दी यारों… कि उन्हें बेचकर चौराहे पर खड़े ग़रीब का पेट तो भरेगा Continue Reading..
Aur Woh Shakhs Jo Qatra Qatra Kar Kay Andar Utar Geya Ho, Woh Bhala Aisey Hi Kaisey Bhulaya Jaa Sakta Continue Reading..
जब आपकी ज़रूरतें कम होंगी , तब आपको ज़रुरत से ज़्यादा मिलेगा …
किसी के पास Ego है तो किसी के पास Attitude… हमारे पास तो एक दिल है, वो भी बड़ा Cute…
शांखो से टूट जाये वो पत्ते नही हे हम , इन आंधीयों से केहदो जरा अपनी औकात में रहे ।
मौत को देखा तो नही पर शायद वो बहुत खूबसूरत होगी, कम्बख्त जो भी उस्से मिलता है जीना छोड देता Continue Reading..
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