कुछ दोस्त भी अजीब होते है।😍 पढ़ते सब है लिखते कुछ नही
“क्या लिखूँ अपनी जिंदगी के बारे में दोस्तो, वो लोग ही बिछड़ गए जो जिंदगी हुआ करते थे !!”
काश में लौट जाओ बचपन की वादियो में जहाँ कोई न जरूरत थी और ना कोई जरुली था
वास्ता हमसे, पहले से ही वो, कम रखते हैं… वो हम ही हैं, जो मोहब्बत का भ्रम रखते हैं….!!!
वो भी आधी रात को निकलता है और मैं भी, फिर क्यों उसे “चाँद” और मुझे “आवारा” कहते हैं
जरूरी नही हर ख्वाब पूरा हो… सोचा तो उसे ही जाता है जो अधूरा हो….”
Meiin Woh Shaam Nahi Jo Guzar Jaugii, Hoon Sard Si Raat Meiin Guzarugii Lekiin Thehar Thehar Kay ..
*आज वक़्त ⌚️आपका हैं, तो इसका मतलब ये नहीं के *कल भी तुम्हारा होगा,
कर्म भूमि पे फल के लिए श्रम सबको करना पडता है रब सिर्फ लकीरेँ देता है रंग हमको भरना पडता Continue Reading..
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