~Haiin Bohat Adhoorey Mamley .. Teri Zaat Se Merii Zaat Tak .. ^
शब्द “दिल” से निकलते हैं… “दिमाग”से तो उसके मतलब निकलते हैं…
बहुत शख्स मिले जो समझाते थे मुझे…. काश…कोई मुझे समझने वाला भी मिलता….
बादलों से कह दो अब इतना भी ना बरसें, गर मुझे उनकी याद आ गई, तो मुकाबला बराबरी का होगा…
~Sham Hote Hi Chiraghon Ko Bhuja Deti Hoon, Dil Hi Kaafi Hay Teri Yaad Main Jalne K Liye .. ‘
Bahut Rulaya Hai Logon Ne Pyar Ki Khatir Aye Maut.! Agar Tu Sath De Toh Sabh Ko Rulane Ka Irada Continue Reading..
है ये मेरी बदनसीबी तेरा क्या कुसूर इसमें, तेरे ग़म ने मार डाला मुझे ज़िन्दग़ी से पहले…..!!!
वो लफ्ज कहां से लाऊं जो तेरे दिल को मोम कर दें….!! मेरा वजूद पिघल रहा है तेरी बेरूखी से……!!
मुश्किल नहीं है कुछ दुनिया में, तू जरा हिम्मत तो कर… खवाब बदलेगें हकीकत में.. तू ज़रा कोशिश तो कर।
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