~Adhii Raat Ko Terii Yaad Meiin Aksa, Dil Chup’Ke Se Rota Haii ..’
जो भी आता हे समजा के चला जाता हे………. पर कोई समझने वाला नही मिलता
किसी और का हाथ कैसे थाम लूँ…. वो तन्हा मिल गयी कभी तो क्या जवाब दूँगा…..!!
Main nai chahta khuda k zindgi 100 saal ki de, Thodhi hi sahi par…….. jo bhi de kamaal ki de
सिलसिला ये चाहत का दोनो तरफ से था, वो मेरी जान चाहती थी और मैं जान से ज्यादा उसे।
Itna “ZALIM” na bano kuCh to “MURAWAT” seekho. . . . Tum pay mrtay hain toh kya “MAAR” hi dalo Continue Reading..
जाते उसने पलटकर इतना ही कहा मुझसे मेरी बेवफाई से ही मर जाओगे या मार के जाऊँ”
जिस मोङ पे हमको छोङ गये, हम बैठे अब तक सोच रहे क्या भुल हुई क्यो जुदा हुए, बस यह Continue Reading..
बादलों से कह दो अब इतना भी ना बरसें, गर मुझे उनकी याद आ गई, तो मुकाबला बराबरी का होगा…
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