बस मैं बैठ्या था घणी भीड़ थी एक सुथरी छोरी खड़ी देख कै ना डट्या गया बोल्या :- मैं तन्नै अपणी सीट दे दूं पर तूं सोच्चैगी मैं तन्नै सैट करण की कौशिश करुं हूं ,
बोली ना तो मैं तो ना सोच्चूं ऐसा …
मखा रैहण दे फेर खड़ी रै ..
Related Posts
समझ ना आई … आज एक आदमी पब्लिक टॉयलेट मैं तै बाहर लिकड़या अर दांता मैं तिल्ली मार रया था Continue Reading..
अमिताभ बच्चन :- एक हजार रुपए के लिए पहला सवाल ये रहा आपकी क्म्पयूटर सक्रीन पे … किस के नालायक Continue Reading..
आजकाल के बालका की घनघोर समस्या तू चाहवै सरकारी नौकरी आला * * * * याड़ै private की भी Continue Reading..
म्हारे ताऊ नै चाला कर राख्या आज तो , न्यू कवै पांया कान्नि तै जाड्डा चढ़ै … धोती गैंल्यां अपणै Continue Reading..
म्हारी म्हैस नै तीन दन होगे , रोज सांज नै बोलै अक आज रात ब्याउंगी … सारी रात उसके सिराहणे Continue Reading..
आपणै तै जलण आले ब्होत सै,,,, फेर के फर्क पङै सै,,, आपणै पै मरण आले भी ब्होत सै ।
लागै सै राहुल उर्फ पप्पू आलू तह सोना बणाण आली मशीन आपणे मामा कै तह लेकै आवैगा, जित्या पाछै
एक नशेड़ी नशे मैं औल फौल बकै था … एक जैंटलमैन सा पैहलवान उसतै आकै बोल्या :- रै तूं घरां Continue Reading..