सुसराड़ मैं पहली बार आया जमाई सांझ नै एकला ए गाम देखण लिकड़ पड़या …
चौक मै खड़े एक छोरे तै बुज्झण लाग्या :- ओ साले साब थारे गाम मैं देखण की के चीज है ,
साले साब सुण कै साला चिंगर कै बोल्या :- एके थी देखण आली चीज तो …
वा तूं ले गया .
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भीड़ ते खचा खच भरी होई मैट्रो, मैं आराम तै खड्या जबे राजीव चौक पै, दरवाजा सज्जे हाथ ने खुला Continue Reading..