Preet Singh Leave a comment म्हारी म्हैस नै तीन दन होगे , रोज सांज नै बोलै अक आज रात ब्याउंगी … सारी रात उसके सिराहणे बैठे रवां दो तीन जणे कम्बल सोड़ औढ़ कै … अर तड़की फेर दांदरे काड्ढ कै दिखा दे है … अक इबी मूढ नाहै … 😬😬 हद ऐ यार मतबल … डांगर बी जाड्डे मैं सुआद लेरे हैं … Copy