Woh Jo Lakhon Mein, Ek Hota Hai Mere Liye, Woh Ek Shakhs Ho Tum.
दोस्तों ने हमें कूटा , दुश्मन में कहाँ दम था, पिट पिट के भी हँसता रहा, मैं इतना बेशरम था
खामोशियाँ तेरे मेरे बीच…कितनी सच्ची लगती हैं… लफ्जों के धोखे से कहीं दूर…चुपके से हंसते हैं….
Tujhko Socha to bahot Par likha kam Maine, Ke Teri Tareef Ke Qaabil Mere Alfaz Kahan..
एक दिन हम एक-दुसरे को यह सोच कर खो देगे, कि वो याद नही करता तो मै क्यो करू
~सुनो बुरा ना मानो तो मै एक बात कहूँ .. मुझे तुम्हारी ज़रूरत है जिन्दगी के लिये .. ^
Aur Woh Shakhs Jo Qatra Qatra Kar Kay Andar Utar Geya Ho, Woh Bhala Aisey Hi Kaisey Bhulaya Jaa Sakta Continue Reading..
*तलब ये है कि…. मैं सर रखूँ तेरे सीने पे* *और तमन्ना ये कि….मेरा नाम पुकारती हों धड़कनें तेरी*
अपनी मोहब्बत पर इस कदर यकींन है मुझे की, जो मेरा हो गया वो फ़िर किसी ‘और’ का हो नही Continue Reading..
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