~ Meri Zindagii Ke Taliban Ho Tum Be’Maqsad Tabahi Macha Rakhii Haii ..’
पत्थर भी मारोगे तो भर लेंगे झोली अपनी … हम यारो के तोहफ़े कभी ठुकराया नही करते
झुका लेता हूँ अपना सर हर मज़हब के आगे, पता नहीं किस दुआ में तुझे मेरा होना लिखा हो..
तुम से बिछड के फर्क बस इतना हुआ … तेरा गया कुछ नहीँ और मेरा रहा कुछ नहीँ…!
Tujhko Socha to bahot Par likha kam Maine, Ke Teri Tareef Ke Qaabil Mere Alfaz Kahan..
वक्त बहुत कीमती होता है, इसलिए अपना नहीं दूसरों का बरबाद करें
-Udaas Dil Aur Nam Ankhein, Bas Yahii Miilta Haii Mohabbat Meiin .. ‘
‘ज़िन्दगी में ज़िन्दगी से हर चीज़ मिली, मगर उनके बाद ज़िन्दगी न मिली !!’
कल जिनकी खातिर तोड दी थी हमने सारी हदे आज उन्होने ही कह दिया जरा हद मे रहा करो
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