जरा तो शर्म करती तू पगली. मुहब्ब्त चुप चुप के और नफरत सरे आम.
एक Time था जब रात भर बात करते थे…!!! 😞😞 आज एक दूसरे को Online देख कर भी चुप_चाप बैठे Continue Reading..
जब दो लोगों के बीच तीसरा इंसान आ जाता है…. तो दूरियां अपने आप बढ़ जाती हैं !!!!
ना सलाम याद रखना ना पैगाम याद रखना। छोटी सी तमन्ना है ऐ दोस्त मेरा नाम याद रखना।
मुहब्बत नहीं है नाम सिर्फ पा लेने का.. बिछड़ के भी अक्सर दिल धड़कते हैं साथ-साथ..!!
बेकसूर कोई नहीं इस ज़माने मे, बस सबके गुनाह पता नहीं चलते.
हम आते हैं महफ़िल में तो फ़कत एक वजह से, यारों को रहे ख़बर कि अभी हम हैं वजूद में..”
Zawaal yeh hai ke tera saath nahin, Kamaal yeh hai ke jee rahy hain..
जब TRUST टूट जाता है ना तो…!!! SORRY का भी कोई मतलब नहीं रहता हैं
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