जरा तो शर्म करती तू पगली. मुहब्ब्त चुप चुप के और नफरत सरे आम.
Pyar ki raahon mein takraar na karna…….. Zindigi mein pyar baar baar na karna..
यूं तो लग जाती है बद्दुआ भी किसी की, वक्त रहते दुआ मांग कर देखिए जरा
आज नज़र ने आईने को यह बोल कर ठोकर मारी, मुझे खुद की नहीं मेरे मेहबूब की नज़र में संवरना Continue Reading..
किसी से जुदा होना इतना आसान होता तो, रूह को जिस्म से लेने फ़रिश्ते नहीं आते..!!
जो भी आता हे समजा के चला जाता हे………. पर कोई समझने वाला नही मिलता
~Tum Haqeeqat’E-Ishq Ho Yaah Faraib Merii Aankhon Ka, Na Dil Se Niikaltey Ho Na Zindagi Meiin Aatey Ho .. ‘
सोचते हैं जान अपनी उसे मुफ्त ही दे दें , इतने मासूम खरीदार से क्या लेना देना ।
न रुकी वक़्त की गर्दिश और न ज़माना बदला……!! . . पेड़ सूखा तो परिन्दों ने ठिकाना बदला……!!
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