जरा तो शर्म करती तू पगली. मुहब्ब्त चुप चुप के और नफरत सरे आम.
Fakar ye h ki tum mere ho!! Fikar ye hai pta nhi kab tak!!
वहम से भी अक्सर खत्म हो जाते हैं कुछ रिश्ते.. कसूर हर बार गल्तियों का नही होता..
“फ्रेंड — यार उसने मुझे I miss u लिख कर भेजा है क्या करूँ मै ? मी – यार तू Continue Reading..
शायद हम ने जिंदगी की कीमत को जाना ही नहीं, वरना किसी के लिए खुद को बर्बाद नहीं करते..
ना किया करो कभी किसी से दिल दुखाने वाली बात… सुना है दिल पे निशाँ रह जाते हैं सदियो तक.
सुनसान सी लग रही है , आज ये शायरों की बस्ती….* *क्या किसी के दिल मे , अब दर्द नहीं Continue Reading..
दुनियां वाले कहते हैं दिल लगाना छोड़ दो…… लेकिन उस भगवान को क्यु नहीं कहते कि वो हि दिल बनाना Continue Reading..
मुझ पर इलज़ाम झूठा है…. _यारों…_ मोहब्बत की नहीं..हो गयी थी….!!
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