बेवफाई तो सभी कर लेते है जानेमन ,
तू तो समझदार थी कुछ तो नया करती
अजीब सी नींद मेरे नसीब में लिखी हे …. पलके बंद होती हे तो दिल जाग जाता हे
अपनों की चाहत मे मिलावट थी इस कदर. मैं तंग आकर दुश्मनों को मनाने निकल गया..
तेरी यादो को पसन्द आ गई है मेरी आँखों की नमी, हँसना भी चाहूँ तो रूला देती है तेरी कमी
~Kon Kehta Haii Doori Se Mitt Jatii Hai Mohabbat, Milne Wale To Khyaalo’n Meiin Bhii Mil Liya Karty Haii
Ehsan Karo To Duao Me Meri Maut Mangna, Ab Ji Bhar Gaya Hai Jindgi Se !
एक ही समानता है पतंग औऱ जिन्दगी मॆं.. ऊँचाई में हो तब तक ही वाह-वाह होती हैं!!
Woh Samajhta Hai K Har Shakhs BadaL Jata Hai Usay Lagta Hai Zamana Us Kay Jaisa Hai..!!
आज परछाई से पूछ ही लिया क्यों चलती हो मेरे साथ… उसने भी हँस के कहा….दूसरा कौन है तेरे साथ
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