स्कूल तो बचपन मैं जाते थे अब तो बस ज़िन्दगी सिखाती है
तु मिले या न मिले ये मेरे मुकद्दर की बात है.. ”सुकुन” बहुत मिलता है तुझे अपना सोचकर
पत्थर भी मारोगे तो भर लेंगे झोली अपनी … हम यारो के तोहफ़े कभी ठुकराया नही करते
~Be’Bass Kar Diya Tu Ney Mujhey, Apney Bass Meiin Karke .. ‘
इतर से कपड़ों का महकाना कोई बड़ी बात नहीं हे, मज़ा तो तब है जब आपके किरदार से खुशबु आये.
दोनों साथ गये हैं वक्त बिताने डिनर पर.. बातें मगर उनसे.. मोबाइल कर रहा है!
हजारों अश्क़ मेरी आँखों की हिरासत में थे, फिर उसकी याद आई और इन्हें जमानत मिल गई
ऐ खुदा हिचकियों में कुछ तो फर्क डालना होता अब कैसे पता करूँ कि कौनसी वाली याद कर रही है
फ़रियाद कर रही है ये तरसी हुई निगाह, देखे हुए किसी को कई दिन गुज़र गए..
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