साँस तो लेने दिया करो… आँख खुलते ही याद आ जाते हो..
जिसको मुझ पर भरोसा नहीं है, उसकी मेरी जिंदगी में कोई जरुरत नहीं है !!
आज तो हम खूब रुलायेंगे उन्हें, सुना है उसे रोते हुए लिपट जाने की आदत है!
अक्ल कहती है, ना जा कूचा-ए-क़ातिल की तरफ; सरफ़रोशी की हवस कहती है चल क्या होगा।
तमन्ना थी सदा जिनके करीब रहने की❤ अब खुद ही उनसे बहुत दूर हुए जा रहा हूँ।
Chaand Badal main Acha Lagta Hai Tum Adhay Rukh Pe Naqab Rehnay Do….!
अब खा ले कुछ तू भी बहुत भूखी होगी,,,, देख चाँद आया है फलक पर मोहब्बत बनकर ।।।
शायद कुछ दिन और लगेंगे, ज़ख़्मे-दिल के भरने में, जो अक्सर याद आते थे वो कभी-कभी याद आते हैं।
Chalo bikharne dete hai zindagi ko Sambhaalne ki bhi to ek hadd hoti hai.
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