अच्छा हुआ तूने ठुकरा दिया .. तेरा प्यार चाहिये था, एहसान नही
कुछ लोग आए थे मेरा दुख बाँटने मैं जब खुश हुआ तो खफा होकर चल दिये
अब इतना भी सादगी का ज़माना नहीं रहा …!! क़े तुम वक़्त गुज़ारो और, हम प्यार समझें,
आज गुमनाम हूँ तो ज़रा फासला रख मुझसे… कल फिर मशहूर हो जाऊँ तो कोई रिश्ता निकाल लेना..!!
हद से बढ़ जाये ताल्लुक तो ग़म मिलते हैं, हम इसी वास्ते, अब हर शख्स से कम मिलते हैं
Yeh Aansuon Kii Zaqat Mujh Pey Hi Kyu, Woh Bhii Toh Kuch Adaa Karey Mohabbat Usey Bhii Thii ..
कहता है इबादत करता हूँ पर दिल की जगह जुबा से काम लेता हूँ
Bohot dard hua mujhe jab usne kaha.. . . Jaa raha hun main tum apna khyal rakhna.
ठुकराया हमने भी बहुतों को है…तेरी खातिर,,, तुझसे फासला भी शायद…उन की बददुआओं का असर हैं …!!!!
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