जिन्दगी में सताने वाले भी अपने थे, और दफनाने वाले भी अपने थे.
जिस के जी में जो आता है कह जाता है… दिल का क्या है सबकी सुन के रह जाता है…
हमने तुम्हें उस दिन से और ज़्यादा चाहा है, जबसे मालूम हुआ के तुम हमारे होना नही चाहते.
मर जाने के लिए थोड़ा ज़हर काफ़ी है, मगर जीने के लिए काफ़ी ज़हर पीना पड़ता है।
~Chal Mohabbat K Samandar Mein Utar Jatey Hain, Pyaar Krna Haii Toh Phiir Mout Sy Darna Kaiisa .. ?
सिखा दिया दुनिया ने मुझे अपनो पर भी शक करना मेरी फितरत में तो गैरों पर भी भरोसा करना था..!!
रुलाने में अक्सर उन्ही का हाथ होता है. जो कहते है कि तुम हँसते हए बहुत अच्छे लगते हो.
PalAt Kr Phir Na Aa JaYe SanS NabzOn Mein……………………….. ItnE HaSeen HathOn Se MayyaT SaJa Rha H Koi
Badal gae hain ab hum dono …! Na woh manti hai , na mai roht’ta Hun …!!!
Your email address will not be published. Required fields are marked *
Comment *
Name *
Email *