जिन्दगी में सताने वाले भी अपने थे, और दफनाने वाले भी अपने थे.
तेरी गली में आकर के खो गये हैं दोंनो.! मैं दिल को ढ़ूँढ़ता हुँ दिल तुमको ढ़ूँढ़ता है.!
ना पा सका उसे, यू सारी ‘उम्र’ चाहकर, कोई’ ले गया उसे, कुछ ‘रस्मेँ’ निभाकर.
उदास रहता है मोहल्ले मै बारिश का पानी आजकल, सुना है कागज़ की नाव बनानेवाले बड़े हो गए है!
~Apni Narazgii Ki Koii Wajah Toh Batayii Hotii, Hum Duniiya Chor Detey Tujhe Manany Ke Liiye .. ‘
इतिहास गवाह है टूटे हुए दिल भी धड़कते है उम्र भर, चाहे किसी की याद में या फिर किसी फ़रियाद Continue Reading..
~ Zindgi Chain Se Guzar Jaye Tu Agr Jehn Se Nikl Jaye .. ^
ऐ बारिश जरा खुलकर बरस,ये क्या तमाशा है.! इतनी रिमझिम तो मेरी आँखों से रोज होती है.!
गुज़र रहा हूँ तेरे शहर से क्या कहूँ क्या गुज़र रही है.
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