बेवफाई तो सभी कर लेते है जानेमन ,
तू तो समझदार थी कुछ तो नया करती
अब कहा जरुरत है हाथों मे पत्थर उठाने की, तोडने वाले तो जुबान से ही दिल तोड देते हैं
दीवार का कैलेंडर तो बदलता है हर साल, ए-ख़ुदा अब के बरस हालात भी तो बदल दे !!
तरस गए हैं तेरे लब से कुछ सुनने को हम…. प्यार की बात न सही कोई शिकायत ही कर दे..
जो जिन्दगी आप अभी जी रहे है बहुत से लोगो के लिए अभी भी सपना है
KitnA MushkiL HaI YeH ZindagI Ka SafaR KhudA Ne MARNA Haram KiyA HaI, LogoN Ne JEENA.
शायद मुझे सुकून तेरे पास ही मिले… मुझको गले लगा बहुत बेक़रार हूँ……..
सुना है कि मिल जाती है हर चीज दुआ से …… आज तुम्हें मांग के देखेंगे खुदा से।
हमसे मोहब्बत का दिखावा न किया कर, हमे मालुम है तेरे वफा की डिगरी फर्जी है
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