मुझे नफरत पंसद है मगर,
दिखावे का प्यार नही!!
थोडी सी रोशनी मांगी थी हमने मगर चाहने वाले ने तो आग ही लगा दी!!!!
-Kiise Utte Ena Gaur V Nahi Karna Chahiida Kay Oh Tuhanu Ignore E Karn Lag Je ..’
मेरी बरबादियों में तेरा हाथ है मगर……. में सबसे कह रहा हूँ ये मुकद्दर की बात है…
आँसू वो खामोश दुआ है जो सिर्फ़ खुदा ही सुन सकता है।
मैंने पूछा एक पल में जान कैसे निकलती है, उसने चलते चलते मेरा हाथ छोड़ दिया..
हम जिस्म को नही रूह को वश मे करने का शोक रखते है
कोई खुद में खो गया हमें भूलकर हम खुद को भूला बैठे उनकी यादों में खोकर
तुम्हे क्या पता की किस दर्द में हूँ मैं, जो कभी लिया ही नहीं उस कर्ज में हूँ मैं
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