“सूखे हुए दरिया से इक नाव लगी कहने, अपना भी जाने अब किस बात से रिश्ता है
~Kabhi Munasib Ho To Hum Se Bhi Hum-Kalam Hona Suna Hai Wafa Ki Batain Bohat Karte Ho .. ^
‘बड़ी बारीकी से तोडा है, उसने दिल का हर कोना, मुझे तो सच कहुँ, उस के हुनर पे नाज़ होता Continue Reading..
~Khyaal’E-Yaar Meiin Mujko Yoon’Hii Madhosh Rehne Do, Na Pucho Raat Ka Qiisa Mujhe Khamosh Rehne Do .. ‘
” मेरी हस्ती को तुम क्या पहचानोगे, हजारो मशहूर हो गए मुझे बदनाम करते करते ” l
ऐ खुदा हिचकियों में कुछ तो फर्क डालना होता अब कैसे पता करूँ कि कौनसी वाली याद कर रही है
भुलने का तो सवाल ही पैदा नहीं होता,.. मैंने नहीं मेरे दिल ने चुना है तुम्हे
वो आते है मेरे सामने, तो अश्क भी निकल आते है सिसकियाँ लेकर,, फिर लगता है मुझसे ज्यादा, मेरे अश्कों Continue Reading..
तेरे ही ख्वाबों की रंगीन तस्वीर हूँ मैं… अब मर्जी तेरी… तू चाहे तो मिटा दे या फिर अपने दिल Continue Reading..
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