“सूखे हुए दरिया से इक नाव लगी कहने, अपना भी जाने अब किस बात से रिश्ता है
वो बड़े ताज्जुब से पूछ बैठा मेरे गम की वजह.. फिर हल्का सा मुस्कराया, और कहा, मोहब्बत की थी ना… Continue Reading..
धीरे धीरे बहुत कुछ बदल रहा है…😰 लोग भी…रिश्ते भी…और ,,,😣😥 …कभी कभी हम खुद भी…
मुझे सिर्फ इतना बता दो….इन्तजार करु….. या बदल जाऊ मै भी तुम्हारी तरह….
जाने कब आँख लगी, यादों के दीये जलते रहे, रोशनी घुलती रही, ख्वाबों में तेरी महक आई है !
सुनो आज आखरी बार अपनी बाँहों में सुला लो . अगर आँख खुले तो उठा देना , वरना सुबह हमे Continue Reading..
Pehla sver ton shaam tak kise di wait karo Te jisdi wait krde oho 2 mint gall karke fer offline Continue Reading..
तमननाओ की महफिल तो हर कोई सजाता है पर . पुरी उसी की होती जो तकदीर लेकर आता है
तेरी मुहब्बत की तलब थी तो हाथ फैला दिए वरना, हम तो अपनी ज़िन्दगी के लिए भी दुआ नहीं करते…
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