हम जिस्म को नही रूह को वश मे करने का शोक रखते है
यहाँ मेरा कोई अपना नहीं है….. . …..चलो अच्छा है कुछ ख़तरा नहीं है !!
तेरी जगह आज भी कोई नहीं ले सकता , पता नहीं वजह तेरी खूबी है या मेरी कमी..!!
मेरी एक छोटी सी बात मान लो, लंबा सफर है फकीरा हाथ थाम लो…
ना पा सका उसे, यू सारी ‘उम्र’ चाहकर, कोई’ ले गया उसे, कुछ ‘रस्मेँ’ निभाकर.
सहजता से निभ सके वे ही रिश्ते सुखद है जिन्हें निभाना पड़े वो रिश्ते नहीं दुनियादारी है !!
हादसे तो और भी हुए है मेरे साथ जिंदगी में, मगर मुझे रूह से मार गया तेरा छोड़ जाना !!
Main bahut Zalim Hun Aye Mere Dil.. . . Tujhe Hamesha Us Ke Hawale Kiya Jise TeRi Qadar Hi Nahi..
इंतेजार भी कितनी अजीब चीज हे ना खुद करे तो, गुस्सा आता है, और.. दूसरा कोई करे तो अच्छा लगता Continue Reading..
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