हम जिस्म को नही रूह को वश मे करने का शोक रखते है
भरोसा तो अपनी साँसों का भी नही है, और हम इंसानो पर करते है
अजीब है इन्सान की शख़्सियत यारों, हवस ख़ुद की उठती है “तवायफ़” उसे बोलता है…
माना की मरने वालों को भुला देतें है सभी. . . मुझे जिंदा भूलकर उसने कहावत ही बदल दी
आज तो दिल भी धमकियाँ दे रहा है।। कर याद उसे वरना धड़कना छोड़ दूंगा
मेरे दर्द को रोज सुनते हो आप, आज आप कुछ लिखो मैं सुनूंगा
~ Kabhi Miley Fursat Tu Itna Lazmii Batana Wo Kon Si Mohabbat Haii ? Jo Hum Tumheiin De Na Saky Continue Reading..
बहुत भीड़ है मोहब्बत के इस शहर में, एक बार जो बिछड़ा, वो दोबारा नहीं मिलता..
शायद कोई तो कर रहा है हमारी कमी पूरी…. तभी तो उन्हें हमारी याद नही आती !
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