-Unhe Jhooth Bolney Ki Aadat Thii, Aur Humeiin Yaqeen Karney Ki .. ‘
ये काजल, ये खुली-खुली जुल्फें , तुम यूँ ही जान माँग लेती इतना इंतजाम क्यूँ किया
कोई तो होगा टूटा हुआ मेरी तरह ही… जो जुड़ने की ख्वाहिश लिए जी रहा होगा अकेला कही..*
बड़ी चालाक होती है जिंदगी हमारी रोज़ नया कल देकर, उम्र छीनती रहती है
आखिर कैसे भुला दे हम उन्हें…. मौत इंसानो को आती है यादो को नहीं……!!
फासले कहाँ मोहब्बत को कम कर पाते है ,,,,, बिना मुलाकात के भी कई रिश्ते ,अक्सर साथ निभाते है।
ठुकराया हमने भी बहुतों को है…तेरी खातिर,,, तुझसे फासला भी शायद…उन की बददुआओं का असर हैं …!!!!
नजर वालो को हिन्दू और मुसलमान दिखता है. . . मेँ अंधा हूँ साहब, , मुझे हर शख्स मे इँसान Continue Reading..
दर्द कहां मोहताज़ होता है शब्दों का बस दो आंसू ही काफ़ी है, बयां करने को…..!!
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