गिला बनता ही नहीं बेरुखी का, दिल ही तो है, भर गया होगा।
दुसरो की सफलता को देखकर जले नही क्योकि जलते तो वो लोग है जो मर जाते है
जिधर देखो, उधर मिल जायेंगे, अखबार नफरत के बहुत दिन से, मोहब्बत का न देखा, एक खत यारों
वो आईनें मे देख रहे थे, बहारे हुस्न ॥ आया मेरा ख्याल तो शरमा के रह गये ॥
सुनसान सी लग रही है , आज ये शायरों की बस्ती….* *क्या किसी के दिल मे , अब दर्द नहीं Continue Reading..
शायद कुछ दिन और लगेंगे, ज़ख़्मे-दिल के भरने में, जो अक्सर याद आते थे वो कभी-कभी याद आते हैं।
जिसको मुझ पर भरोसा नहीं है, उसकी मेरी जिंदगी में कोई जरुरत नहीं है !!
मुझे आज भी उसकी शिद्दत रोने नही देती …! कहती थी मर जायेंगें तेरे आँसुओं के गिरने से पहले
Main bahut Zalim Hun Aye Mere Dil.. . . Tujhe Hamesha Us Ke Hawale Kiya Jise TeRi Qadar Hi Nahi..
Your email address will not be published. Required fields are marked *
Comment *
Name *
Email *