गिला बनता ही नहीं बेरुखी का, दिल ही तो है, भर गया होगा।
उनकी ना खाता थी हम ही गलत समझ बैठे दोस्तो वो मोहब्बत से बात करते थे और हम मोहब्बत ही Continue Reading..
मोहब्बत तो दिल से की थी, दिमाग उसने लगा लिया। दिल तोड़ दिया मेरा उसने और इल्जाम मुझ पर लगा Continue Reading..
पता नहीं कैसे उसने मुझे छोड़ दिया, वो तो कमीनी…किसी के 5 रू. भी नहीं छोड़ती थी.
तूने फैसले ही सारे दूर जाने वाले किये, नहीं तो बता मेरे से करीब तेरे और कौन था।
भुलने का तो सवाल ही पैदा नहीं होता,.. मैंने नहीं मेरे दिल ने चुना है तुम्हे
Aisa Lagta Hai Narazgi Baaqi Hai Abhi… Haath Thama Hai Magar us Ne Dabaya to Nahi…
मन्दिर मस्जिद सी थी मोहब्बत मेरी, बेपनाह इबादत थी फिर भी एक न हो सके
~Woh Bole Mohabbat Ka Sagar Bohat Gehra Haii, Hum Ne Kaha Doobny Wale Kabhi Socha Nahi Kartey .. ‘
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