फिर से बुनने लगे ख्वाब एक नया, जाने कबतक ये सिलसिला चले इंतजार का
छोड़ तो सकता हूँ मगर छोड़ नहीं पाता उसे, वो शख्स मेरी बिगड़ी हुई आदत की तरह है.. …
याद रहेगा ये दौर-ए-हयात हमको, क्या खूब तरसे हैं जिन्दगी में एक शख्स के लिए ।।
~Hum To Agaaz’E-Mohabbat Mein Hi Lutt Gy, Log Toh Kehte The Ke Anjaam Bura Hota Haii .. ‘
एक तरफा ही सही मगर प्यार तो प्यार है..!!❤ उसे हो ना हो लेकिन मुझे बेशुमार है..!
बहुत देर करदी तुमने मेरी धडकनें महसूस करने में. वो दिल नीलाम हो गया, जिस पर कभी हकुमत तुम्हारी थी.
कभी मुझको साथ लेकर, कभी मेरे साथ चलकर…! वो बदल गया अचानक, मेरी जिंदगी बदल कर…!!
मोहब्बत का इजहार करके मेरे दर्द को बेघर ना कर… ताउम्र काटी है इसने मेरे सीने में रह कर…..।।।।”
उन्हें देखने सो जो आ जाती है चेहरे पे रौनक, वो समझते हैं की बीमार का हाल अच्छा है ..
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