फिर से बुनने लगे ख्वाब एक नया, जाने कबतक ये सिलसिला चले इंतजार का
हमारे कत्ल के लीऎ तो मीठी जुबांन ही काफी है… अजिब शक्स थे वो जो खंजर तलाश रहे थे..!
वो लफ्ज कहां से लाऊं जो तेरे दिल को मोम कर दें….!! मेरा वजूद पिघल रहा है तेरी बेरूखी से……!!
कुछ अज़नबी लोग पहले अपना बनाते है! फिर अपना बनाकर छोड़ जाते है !
Yeh bhi acha hua shayed, ke usey paa na sake hum, Hamaara ho ke agar bicharrta to qayamat hoti..
तुम दूर हो या पास फर्क किसे पड़ता है, तू जँहा भी रहे तेरा दिल तो यँही रहता है..!
चुनौतियो को स्वीकार करो क्योकि इससे या तो सफलता मिलेगी या सीख
ना रात कटती है और ना जिन्दगी… एक शख्स मेरे वक्त को इतना धीमा कर गया…!!
ना चंपा ना पारो आपना तो एक ही ऊसूल है हर लडकी पे लाईन मारो…
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