ऐ चाँद तू किस मजहब का है . ईद भी तेरी और करवाचौथ भी तेरा
फिर से वही प्यारी सी पहचान देखनी है। मुझे तेरे चेहरे पर अपनी मुस्कान देखनी है।..
जब तक आप अपने अतीत को याद करते रहेगे तब तक आप भविष्य की योजनाएँ नही बना पाएगे
“क्या लिखूँ अपनी जिंदगी के बारे में दोस्तो, वो लोग ही बिछड़ गए जो जिंदगी हुआ करते थे !!”
ये इशक भी क्या चीज है गालिब! एक वो है जो धोखा दिए जा रहे है और एक हम है Continue Reading..
बंजर नहीं हूँ मैं मुझमें बहुत सी नमी है,,,, आँखे बयाँ नही करती बस इतनी सी कमी है!!!
छोटे लोग और छोटे नोट ही मुसीबत में काम आते हे, मै भी इन्ही मे से एक हूँ व्यवहार बनाए Continue Reading..
हम पर जो गुजरी है, तुम क्या सुन पाओगे, नाजुक सा दिल रखते हो, रोने लग जाओगे !
आपका सबसे अच्छा दोस्त किसी और जाति से होगा और आपका सबसे बड़ा दुश्मन आपका कोई अपना ही होगा
Your email address will not be published. Required fields are marked *
Comment *
Name *
Email *