असल मे वही जीवन की चाल समझता है जो सफर की धुल को भी गुलाल समझता है
एहसान किसी का वो रखते नही मेरा भी लोटा दिया . जितना खाया था नमक मेरे जख्मोँ पर लगा दिया
हमारे कत्ल के लीऎ तो मीठी जुबांन ही काफी है… अजिब शक्स थे वो जो खंजर तलाश रहे थे..!
वादो से बंधी जंजीर थी जो तोड दी मैँने, अब से जल्दी सोया करेंगे , मोहब्बत छोड दी मैँने….
Yeh Zaroori Nahi Ki Har Baat vo Meri Samjhe.. Zaroori Yeh Hai Ki vo Mujhe Kuch To SamJhe
Is Barish Se Keh Do mere Aangan ????Main Na Barsein… Ishe Dekh Kar Mujhe Koi Shiddat Se Yaad Aata Hai…!!!
Maine Uss Shakhs Ko Kabhi Hasil He Nahi Kiya…. Phir B Har Lamha Lagta Ha Maine Use Kho Diya….!!
हर बार हम पर इल्जाम लगा देते हो मोहब्बत का….!! कभी खुद से भी पूछा है इतनी खुबसूरत क्यों हो….!!
कुछ पतंगें तो मैंने यहीं सोचकर काट दी यारों… कि उन्हें बेचकर चौराहे पर खड़े ग़रीब का पेट तो भरेगा Continue Reading..
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