Kya Zaroorat Thi Door Jane Ki ,, Pass Reh Kar B Mere Kab Thay Tum?
ना पा सका उसे, यू सारी ‘उम्र’ चाहकर, कोई’ ले गया उसे, कुछ ‘रस्मेँ’ निभाकर.
हमने तुम्हें उस दिन से और ज़्यादा चाहा है, जबसे मालूम हुआ के तुम हमारे होना नही चाहते.
“अब ढूँढ़ रहे है वो मुझ को भूल जाने के तरीके…, तो दूर हो कर उनकी मुश्किलें आसन कर दी Continue Reading..
बड़ी देर तक साथ जागे ये चाँद और मैं, वो सितारों के बीच तनहा था और मैं भीड़ में अकेला Continue Reading..
खवाहिश नही मुझे मशहुर होने की … आप मुझे पहचानते हो बस इतना ही काफी है…
अपनाने के लिए हजार खूबियाॅ भी कम है और छोडने के लिए एक कमी ही काफी है।
अजीब ज़ुल्म करती हैं तेरे यादें मुझ पर सो जायूं तो उठा देती हैं उठ जायूं तो रुला देती हैं
Teri Yaad Aati Hai To Aankh Bhar Hi Aati Hai, Varna Har Bat Par Yun Rone Ki Aadat Nahi Mujhe..!!! Continue Reading..
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