~Jiski Sazza Sirf Tum Ho Aiisa Koii Gunaah Karna Hai Mujhe .. ‘
फ़िक्र तो तेरी आज भी है.. बस .. जिक्र का हक नही रहा।
मेरी आँखों में मत ढूंढा करो खुद को पता है ना.. दिल में रहते हो खुदा की तरह
गुनाह यार ए मोहब्बत हुआ है मुझसे…!!! . . गुजारिश है कोई मेरे दिल को फांसी दे दो…!!!
फुरसत अगर मिलें तो…मुझे पढ़ना जरूर,, शायद….. मैं ही तेरी उलझनों का…मुकम्मल जवाब हूँ…..!
रिश्तेदारी की शादी में मिलने वाले पैंट शर्ट का कपड़ा इधर से उधर घूमता ही रहता है सिल नहीं पाता
हम ना पा सके तुझे मुदतो के चाहने के बाद , ओर किसी ने अपना बना लिया तुझे चंद रसमे Continue Reading..
कौन कहता है कि मुसाफिर ज़ख़्मी नहीं होते, रास्ते गवाह है बस गवाही नहीं देते.
बहुत ही खूबसूरत लम्हा था वो … जब उसने कहा था मुझे तुमसे मोहब्बत है और तुमसे ही रहेगी
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