~Jiski Sazza Sirf Tum Ho Aiisa Koii Gunaah Karna Hai Mujhe .. ‘
जिस जिस ने मुहब्बत में, अपने महबूब को खुदा कर दिया, खुदा ने अपने वजूद को बचाने के लिए, उनको Continue Reading..
दिल मेरा भी कम खूबसूरत तो न था,⁉ मगर मरने वाले हर बार सूरत पे ही मरे !!
-Aap Khud Hi Apnii AdaaO Pe Zara Gaur Kijiye, Hum Araz Krengey Toh Shikayat Hogi .. ‘
जिस मोङ पे हमको छोङ गये, हम बैठे अब तक सोच रहे क्या भुल हुई क्यो जुदा हुए, बस यह Continue Reading..
खाना बना रही थी ना इसलिए गरम हूं, ये केहकर एक माँ ने अपना बुखार छूपा लिया.
उसने महबूब ही तो बदला है फिर ताज्जुब कैसा, दुआ कबूल ना हो तो लोग खुदा तक बदल लेते है।
कमाल का जिगर रखते है कुछ लोग, दर्द पढ़ते है और आह तक नहीं करते।
तकदीर मेँ ढूंढ रहा था तस्वीर अपनी, न ही मिली तस्वीर, ओकात मिल गई अपनी
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