~Woh Ek Shakhs Zindagi Jaisa, Aur Woh Hii Merii Zindagi Mein Nahi ..’
खुद के खोने का पता ही नहीं चला… , किसी को पाने की ‘इन्तहा’ कर दी मैंने….?
कहते हे कि पत्थर दिल रोया नही करते तो.. फिर पहाङो से ही झरने क्यो बहा करते है ..”
“मैं कोई छोटी सी कहानी नहीं था….. बस पन्ने ही जल्दी पलट दिए तुम नें …
“आज का ज्ञान! लड़की और नौकरी तभी छोड़ें, जब दूसरी हांथ में हो!”
मुझ पर इलज़ाम झूठा है…. _यारों…_ मोहब्बत की नहीं..हो गयी थी….!!
kuch Is Qadar Bhi To Aasan Nahi Hai IshQ Tera, Ye Zeher Dil Mein Utar Kar Hi Raas Aata Hai, Continue Reading..
कोई खुद में खो गया हमें भूलकर हम खुद को भूला बैठे उनकी यादों में खोकर
BhT BADNASEB HOTA HA WO JO APNE SUCHÍ MUHABAT KE KADAR NÌ KARTA
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