~Kitnii Dilkash Hai Us Ki Khamoshii, Sarii Bateiin Fazool Hon Jaiise .. ‘
हमसे मोहब्बत का दिखावा न किया कर, हमे मालुम है तेरे वफा की डिगरी फर्जी है
तहजीब देखता हूँ मैं गरीबों के घर में दुपट्टा फटा हो फिर भी सर पर होता है
पेड़ को काटने आये हैं कुछ लोग, मगर, धूप बहुत तेज है तो, उसकी छांव में बैठे हैं……….
तुम्हे क्या पता की किस दर्द में हूँ मैं, जो कभी लिया ही नहीं उस कर्ज में हूँ मैं
-Guzarr Geya Aj Ka Din Bhii Yoon’Hii Be’Wajah Naah Mujhe Fursat Milii Naah Usee Khayal Aaya .. ‘
मौहब्बत की मिसाल में,बस इतना ही कहूँगा । बेमिसाल सज़ा है,किसी बेगुनाह के लिए ।
मुझे नींद की इजाज़त भी उसकी यादों से लेनी पड़ती है, जो खुद सो जाया करती है मुझे करवटों में Continue Reading..
हम तो बिछडे थे तुमको अपना अहसास दिलाने के लिए, मगर तुमने तो मेरे बिना जीना ही सिख लिया।
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