~Phiir Thehr Gyii Aanko’n Meiin Namii Phiir Dil Ne Kaha Ek Terii Kamii .. ‘
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सुना है तुम्हारी एक निगाह से कत्ल होते हैं लोग.. एक नज़र हमको भी देख लो.. ज़िन्दगी अच्छी नहीं लगती..!
~Dhoka Deti Hai Masoom Chehron Ki Chamak Aksar, Har Kaanch K Tukray Ko Heera Nahi Kehte .. ^
न जाने कैसी दिल्लगी थी उस बेवफा से, के मैंने आखिरी ख्वाहिश में भी उसकी वफ़ा मांगी…
तुम्हे क्या पता किस “दर्द” मे हूँ मैं ! जो कभी लिया ही नही,उस “कर्ज़” मे हूँ मैं
Unhone waqt samajh kar guzaar diya humko.. Hum unhe zindagi samjhkar aaj bhi jee rahe hain..
कौन कहता है कि मुसाफिर ज़ख़्मी नहीं होते, रास्ते गवाह है बस गवाही नहीं देते.
~Aye Pagal Dil Tu Kyun Khush Hota Hai ?? Teen Din Baad Sirf Saal Badlega Insaan Nahi .. ‘
आज फिर हँस पड़ी मैं..और रो गया दिल..जब कहा उसने.. कि तुम जैसा गरीब सिर्फ शायरी ही कर सकता है..!!
