सांपो के मुक्कदर में.. वो जहर कहाँ, जो आजकल इन्सान सिर्फ बातों मे ही उगलतें है।
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जीवन में एक दोस्त कर्ण जैसा भी जरूर होना चाहिए, जो तुम्हारे गलत होते हुए भी तुम्हारे लिए युद्ध करे.
आज मेरे लफ्जों की तबियत ठीक नहीं.. आज आप अपने पसंद की कोई शायरी ही सुना दो
आज दिन में ही रो लिया मैंने……. रात को नींद आ ही जायेगी…??
नही है मेरे पास दोलत का ढेर, . पर प्यार से पूरी दुनिया खरीदने की औकात रखता हूँ
जिंदगी में बडी शिद्दत से निभाओ अपना किरदार, कि परदा गिरने के बाद भी तालीयाँ बजती रहे……!!!
दोस्तो उसे बता देना कि मर गया वो जो तुम पर मरा करता था
बहुत भीड़ हो गयी है तेरे दिल में, अच्छा हुआ हम वक़्त पर निकल गए
जिन्दगी में ‘कुछ’ चीजे भुलाई नही जा सकती मेरी जिन्दगी में सब ‘कुछ’ सिर्फ तुम ही हो
