सांपो के मुक्कदर में.. वो जहर कहाँ, जो आजकल इन्सान सिर्फ बातों मे ही उगलतें है।
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तुमने जो दिल को छुना छोड़ दिया, लफ्जों ने खूबसूरत होना छोड़ दिया.
पेड़ को काटने आये हैं कुछ लोग, मगर, धूप बहुत तेज है तो, उसकी छांव में बैठे हैं……….
किसी से जुदा होना इतना आसान होता तो, रूह को जिस्म से लेने फ़रिश्ते नहीं आते..!!
Tumhain tarteeb dy raha hon main, Mery andar bikhar gaye ho tum…!!!
हम वही हैं बस ज़रा सा ठिकाना बदल दिया है आजकल तेरे दिल से निकल कर अब अपनी औक़ात में Continue Reading..
Woh meri soch k parday mein chupa betha hai,,, main kisi aur ko sochon bhi to sochon kaise….?
गर तू पुलिस वाली होती, पा लेते तुझे कुछ ले दे कर।
मेरा कातिल कहीं मिले तो उसे ये खबर जरुर दे देना, जिसका तुमने कत्ल किया था वो शक्स आज भी Continue Reading..
