~ Hum Agar Be’Qasoor Nikley Toh, Dekho Tumhey Bohat Dukh Hoga .. ‘
जरा तो शर्म करती तू पगली. मुहब्ब्त चुप चुप के और नफरत सरे आम.
~Woh Bhool Jayega Is Tarah .. Yaqeen Jano Yaqeen Nahii Aata .. ^
तमन्नाओ की महफ़िल तो हर कोई सजाता है . पूरी उसकी होती है जो तकदीर लेकर आता है..!!
वो मेरा हमसफर भी था वो मेरा राहगुजर भी था, मंजिलें ही एक न थीं, दरमियाँ ये फासला भी था।
वो दुआएं काश मैने दीवारों से मांगी होती, ऐ खुदा.. सुना है कि उनके तो कान होते है!!
Normal People – थोड़ा है, थोड़े की ज़रूरत है। Sharabi – दारु है, सोडे की जरूरत है।
मैं मोहब्बत करता हूँ तो टूट कर करता हुँ… ये काम मुझे जरूरत के मुताबिक नहीं आता….
हाथ की लकीरें भी कितनी अजीब हैं, हाथ के अन्दर हैं पर काबू से बाहर…
Your email address will not be published. Required fields are marked *
Comment *
Name *
Email *