~Bahot Mehsoos Hota Haii, Tera, Mehsoos Na Karna .. ‘
मै नही जानता मै क्यो लिखता हूँ, बस ये खाली कागज मुझसे देखे नही जाते
~ Agar Samaj Pate Tum Merii Chahat Ki Inteha Toh .. Hum Tumsey Nahi Tum Humse Mohabbat Kartey .. ‘
छोडना पडा उन्हे इतनी मोहब्बत कर के भी, मैंने ‘उन्से’ प्यार किया था, उन्के बदलते हूए ‘चेहरो’ से नहीं….
“आज का ज्ञान! लड़की और नौकरी तभी छोड़ें, जब दूसरी हांथ में हो!”
तुम्हारी ज़िद बेमानी है दिल ने हार कब मानी है कर ही लेगा वश में तुम्हें आदत इसकी पुरानी है.
जिधर देखो, उधर मिल जायेंगे, अखबार नफरत के बहुत दिन से, मोहब्बत का न देखा, एक खत यारों
गुनाह यार ए मोहब्बत हुआ है मुझसे…!!! . . गुजारिश है कोई मेरे दिल को फांसी दे दो…!!!
*फिर उड़ गयी नींद ये सोच कर……* *सरहद पर बहा वो खून मेरी नींद के लिए था…..!!
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