Preet Singh Leave a comment एक मांगण आले नै घर के दरवाजे पै रुक्का दिआ … अरै भुक्खा हूं भाई कुछ खाण नै दे द्यो … मैं दरवाजे पै जाकै बोल्या … भाई घर कोए ना है एकला हूं कुछ बणा ना राख्या , सुसरा आगे तै बोल्या फेर तो बोतल खोल रया होगा एक पैग ए लवा दे Copy