एक मॉडर्न छोरी रुक्के देरी थी :- बुड्ढे मां बाप की जिम्मेदारी छोरियां की होती ती तो देस मैं एक बी वृद्धाश्रम ना होता ,
मखा बेब्बे वाए छोरी ब्याह पाच्छै सास सुसर नै मां बाप मान ले तो दुनिया मैं एक बी वृद्धाश्रम ना होता ,
सोच बदलो , समाज बदलेगा ,
Related Posts
जंगल मैं एक शेर खड्डे मैं फंस ग्या … उपर पेड़ पै बैठ्या बांदर मजाक उड़ान लागया :- क्यों राजा Continue Reading..
जिस ढाल मोदी जी विपक्ष की हर बात का मजाक बणां दे हैं दिक्खै नेता बनण तै पहल्यां ऐडमिन थे Continue Reading..
स्टोर रूम की सफाई करदी हाण जब लास्ट लकड़ी का बक्सा ठाओ तो कूण मैं तै एक मुस्सी लिक्ड़ कै Continue Reading..
एक जाट की छोरी के ब्याह मैं फेरे होण लाग रे थे | पण्डितआँख मींच क मंतर पढ़ क बोल्या Continue Reading..
ताऊ आपणे डांगरा नै ले के खेत में तै आण लाग रह्या था अर इतने में एक मोड्डा आ ग्या Continue Reading..
देश बदल रहा है गुजरात चुनाव दो घंटे म्ह 11% वोटिंग ~ दुल्हा – दुल्हन नै भी पहल्यां वोट का Continue Reading..
जै कोई दस बजे उठै तो जरूरी ना स की आलसी ए हो हो सकै है आगला के सपने बड़े Continue Reading..
मेरी रश्के कमर … तेरी दुक्खै कमर , तेरी होई सगाई … मजा आ गया तन्नै ब्लॉक मैं करया … Continue Reading..